नीट पीजी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कम Cut Off पर उठाए सवाल

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2025 के क्वालिफाइंग कटऑफ को शून्य और नेगेटिव वैल्यू किए जाने पर चिंता जताई है. SC का कहना है कि माइनस 40 क्राइटेरिया तय करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है. सीटें खाली रहने के कारण इस तरह का क्राइटेरिया सेट करना सही नहीं है.
जजों ने जताई चिंता

इस मामले की सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अराधे की बेंच कर रही थी. जजों ने कहा कि खाली सीटें बेकार नहीं जानी चाहिए, लेकिन सिर्फ कैंडिडेट्स की कमी के कारण कटऑफ इतना घटाना सही नहीं है. इससे एलिजिबिलिटी का जो क्राइटेरिया सेट किया जा रहा है, उसके कमजोर होने का डर है. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सत्याम सिंह राजपूत थे.
NBEMS ने घटाया था परसेंटाइल

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दरअसल, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कुछ समय पहले NEET PG 2025 एडमिशन के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल में बदलाव किया है. सीट खाली रह जाने का हवाला देते हुए NBEMS ने परसेंटाइल घटाया.

NBEMS ने बताया था कि राउंड 2 काउंसलिंग पूरी हो गई है और उसके बाद भी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की 18,000 से ज्यादा PG सीटें खाली रह गई थीं. ऐसे में परसेंटाइल घटाया गया.

EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50 से घटाकर 7 परसेंटाइल कर दिया गया था. वहीं जनरल PwBD कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 45 की जगह केवल 5 परसेंटाइल का मानक तय किया गया था. इसके अलावा SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 40 से घटाकर शून्य (0) परसेंटाइल कर दिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में क्या-क्या हुआ?

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केंद्र सरकार की ओर से सीटें खाली रह जाने का तर्क दिया गया. इस पर SC ने कहा कि आखिरी बैलेंस बनाने के लिए मानकों को कितनी हद तक गिराया जा सकता है.

जजों ने केंद्र के उस तर्क पर भी विचार किया जिसमें कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों को ढील के तहत दाखिला दिया जा रहा है, उनके पास पहले से MBBS की डिग्री है. हालांकि याचिकाकर्ताओं ने उनकी योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ MBBS होना पर्याप्त नहीं है. अगर वे NEET PG परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं.
कितनी हैं नीट पीजी की सीटें?

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इससे पहले देशभर के अलग-अलग हिस्सों में नीट परसेंटाइल घटाए जाने पर बवाल मचा था. भारत में हर साल करीब 2.4 लाख स्टूडेंट्स नीट पीजी परीक्षा देते हैं. इनमें से करीब 1 लाख स्टूडेंट्स पास होते हैं. फिलहाल देश में लगभग 80,000 नीट पीजी सीट्स हैं. समय-समय पर सीट में बदलाव होता रहता है. साल 2021 से 2025 सीटों की संख्या बढ़ाई गई है.

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